2026年4月23日、財務大臣ニルマラ・シタラマンはすべての主要銀行のトップを招集しました。なぜでしょうか?緊急会議を行うためです。その会議には、IT大臣のアシュウィニ・ヴァイシュナウやRBI(インド準備銀行)の幹部も同席していました。議題はシンプルでした。Claude AIを開発するAnthropic社がリリースした新しいAIモデル『Mythos(ミトス)』が、インドの金融システムにとって重大な脅威であるということです。そして単に会議をして終わりではありませんでした。シタラマン大臣は銀行に対し、リアルタイムの脅威インテリジェンス共有メカニズムの構築、優秀なサイバーセキュリティ人材の確保、そしてインド銀行協会(IBA)による協調対応システムの構築を直接命じたのです。
では、Mythosの何がそれほど危険なのでしょうか?
2026年4月7日、Anthropicは『Claude Mythos Preview』というモデルを発表しました。これは通常のClaudeモデルと同様の汎用AIですが、そのある機能が危険すぎるため、一般公開はしないと発表されました。MicrosoftやGoogle、Apple、AWS、CrowdStrike、Palo Alto Networksなど、わずか40社ほどの信頼できる企業にのみ提供されています。このプログラムは『Project Glasswing(プロジェクト・グラスウィング)』と呼ばれています。その任務は、ソフトウェアに潜む脆弱性を発見し、防御的に修正することです。しかし問題は、脆弱性を修正できる能力は、同時にそれを悪用(エクスプロイト)する能力でもあるということです。つまり、Project Glasswingは諸刃の剣なのです。
技術的に言えば、Claude Mythosは『自律型ハッカー』のように振る舞います。これまでは10人のエンジニアが数ヶ月かけてコードレビューを行っていましたが、Mythosは一人で数百万行のコードをスキャンし、ゼロデイ脆弱性を発見します。ゼロデイとは、世界中の誰も知らなかったバグのことです。Anthropic自身、Mythosが主要なOSやブラウザで脆弱性を発見したと認めています。OpenBSDでは、数十年間人間が見つけられなかった27年前のバグを発見しました。さらに、単に発見するだけでなく、複数のバグを連鎖させ、エクスプロイトコードを書き、人間を一切介さずに完全な攻撃を組み立てることができます。かつては脆弱性の発見から悪用まで数ヶ月かかっていましたが、このAIの登場により、その窓口はわずか数分に縮小してしまいました。だからこそ、Claude Mythosはこれほど警戒され、一般公開されていないのです。
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23 अप्रैल 2026 को फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने सारे बड़े बैंकों के चीफ को बुला लिया। क्यों? क्योंकि एक इमरजेंसी मीटिंग करनी थी। उसी इमरजेंसी मीटिंग में आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव और आरबीआई के ऑफिशियल्स भी थे। मीटिंग का टॉपिक सिंपल था कि क्लाउड एआई बनाने वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने जो नया एआई मॉडल ल्च किया है ना माइथोस वो एआई मॉडल इंडियन बैंकिंग सिस्टम के लिए एक बड़ा खतरा है। और मुद्दे की बात यह है कि यह नहीं कि सिर्फ मीटिंग हुई और खत्म। बस जाओ घर। सीतारमन ने डायरेक्टली बैंक्स को बोला कि रियल टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस शेयरिंग का मैकेनिज्म बनाओ। बेस्ट साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स हायर करो और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन कोऑर्डिनेटेड रिस्पांस सिस्टम तैयार करो सब के सब। पर सवाल सिर्फ यह है कि माइथोस में ऐसा क्या खतरनाक है कि सिर्फ एक एआई मॉडल की वजह से एक देश के फाइनेंस मिनिस्टर को इमरजेंसी मीटिंग करनी पड़ रही है? तो देखो एंथ्रोपिक ने 7 अप्रैल 2026 को एक मॉडल ल्च किया जिसका नाम था क्लाउड माइथोस [संगीत] प्रीव्यू। ये जनरल पर्पस एआई है जैसे बाकी क्लाउड एi मॉडल्स होते हैं। लेकिन इसकी एक कैपेबिलिटी इतनी खतरनाक निकली कि एंथ्रोपिक ने खुद बोला कि यह मॉडल हम पब्लिक को नहीं देंगे। [संगीत] सिर्फ 40 के करीब ट्रस्टेड कंपनीज को दिया Microsoft, Google, Apple, AWS, क्राउड स्ट्राइक, Palo Alto नेटवर्क्स जैसी कंपनीज़ [संगीत] को। Mys के इस प्रोग्राम का नाम है प्रोजेक्ट ग्लास फिंग। इसका काम सॉफ्टवेयर में छुपी हुई कमजोरियों को ढूंढना और उन्हें डिफेंसिवली फिक्स करना है। लेकिन प्रॉब्लम यह है कि जो चीज वलनेरेबिलिटीज फिक्स कर सकती है, वही चीज उन्हीं वनेरेबिलिटीज को एक्सप्लइट भी कर सकती है। तो, यह प्रोजेक्ट ग्लासिंग एक तरीके से दो धारी तलवार है। टेक्निकली समझो। माइथोस एक ऑटोनॉमस हैकर की तरह बिहेव करता है। कंपनीज़ को पहले कोड रिव्यू करने में 10 इंजीनियर्स लगते थे। महीनों तक पर क्लोड माइथोस अकेले लाखों लाइंस ऑफ कोड स्कैन करके जीरो डे वलनेरेबिलिटीज ढूंढ लेता है। जीरो डे मतलब वो बग्स जिनके बारे में दुनिया को पता ही नहीं था। एंथ्रोपिक ने खुद माना है कि माइथोस ने हर बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउज़र में वनरेबिलिटीज निकाली हैं। ओपन बीएसडी में तो 27 साल पुराना बग निकला जो दशकों से किसी ह्यूमन को मिला ही नहीं था और सिर्फ ढूंढता ही नहीं है। यह मल्टीपल बग्स को चेंज भी करता है। एक्सप्लइट कोड लिखता है और एक कंप्लीट अटैक असेंबल कर देता है बिना किसी इंसान के बीच में आए। पहले एक वल्नरेबिलिटी डिस्कवर होने और एक्सप्लोइट होने के बीच में महीनों लगते थे। अब AI के साथ यह विंडो मिनट्स में कोलैप्स हो रही है और इसलिए ही क्लाउड माइथोस का मार्केट में इतना हु अल्लाह है और इसलिए ही यह अभी एक्सेस किसी को नहीं दे रहे पब्लिक